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78 लाख रुपये से बनाए जाने ड्रेन पर लोगों ने उठाए सवाल कहा पहले पुराना दबाया हुआ नाला छुड़वाया जाए

जीरकपुर 14,जून (ਕ੍ਰਿਤਿਕਾ)
हरियाणा में पड़ते सेक्टर-19 पंचकूला के बरसाती पानी को निकालने के लिए जीरकपुर के जिस बलटाना क्षेत्र से 34 फुट चौड़ा बरसाती नाला (चौ) निकल रहा था वह अब बिल्कुल गुमनाम हो चुका है। नगर काउंसिल जीरकपुर के ऑफिशियल कागजातों में आज भी  वहां बरसाती नाला है लेकिन अगर बात ग्राउंड रिपोर्ट की करें तो इस बरसाती नाले (चौ) पर अपनी मौत की परवाह किए बिना लोगों द्वारा कब्ज़ा करके उस पर पक्के तौर मकान बनाकर नाले का नामो निशान खत्म कर दिया गया है। हालांकि इस बरसाती चौ (कुदरती नाले) पर हुए कब्जे को लेकर कुछ लोगों द्वारा कोर्ट केस भी किया गया लेकिन बरसों से यह केस किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा। बलटाना के कुछ लोग इस मसले को लेकर कई बार आवाज़ उठा चुके हैं। यहां तक कि लोगों द्वारा हाइवे भी बंद कर जाम लगाया गया लेकिन अधिकारियों की मिलीभुगत से राजनेताओं की शह पर धीरे-धीरे इस बरसाती नाले पर कब्ज़ा कर लिया गया जिसपर अब बड़े -बड़े पैलेस, कोठी व फ्लैट बन चुके हैं। नाले पर हुए कब्जे को लेकर नंबरदार जसवंत सिंह व जीवन सिंह निवासी विकास नगर ने मुद्दा उजागर करते हुए कहा कि पंचकूला का बरसाती पानी इस चौ (बरसाती नाले)  के माध्यम से सुखना चौ में जाकर गिरता था लेकिन जैसे -जैसे जीरकपुर की आबादी बढ़ती गई बरसाती नाला सिगुंडता चला गया। आज ढूंढने पर भी बरसाती नाला ढूंढे नहीं मिलता।

घरों से पांच फुट नीचे गुजर रहा है बरसाती नाला

जीवन सिंह ने कहा कि बेशक लोगों द्वारा इस बरसाती नाले पर पक्के मकान बनाकर कब्ज़ा कर लिया गया है। लेकिन इन घरों के पांच फुट नीचे से यह बरसाती पानी निकल रहा है और पानी के बहाव की आवाज़ उन्हें बाहर तक सुनाई देती है। यही नहीं कई घरों के नीचे से गुजर रहे पानी के कारण ऊपरी स्तर की जमीन दबती है। नाले पर घर बनाकर लोगों ने अपनी जिंदगी दांव पर लगा रखी है।

अकालियों की गलती पर कांग्रेस डाल रही पर्दा

दरअसल इस बरसाती नाले पर कब्ज़ा उस समय हुआ जब नगर काउंसिल कमेटी पर अकालियों का राज था। लोगों का आरोप है कि उस समय राजनेताओं की मिलीभुगत से इस चौ पर पक्के तौर पर कब्ज़ा लेकिन अब कांग्रेस के हाथ में सत्ता आने पर अकालियों की गलती पर कांग्रेस पर्दा डाल रही है। कमेटी प्रधान उदयवीर ढिल्लों ने हाउस मीटिंग में प्रस्ताव पास करके उसी पंचकूला के बरसाती पानी को निकालने के लिए 78 लाख का लागत से ड्रेनेज पाइप डालने का काम शुरू करवा दिया। हैरानी की बात यह है कि जमीन से पांच फुट नीचे बरसाती नाला है और ढाई से तीन फुट नीचे ड्रेनेज पाइप डाली जा रही है। लोगों का कहना है कि आने वाले दिनों में अगर बरसाती पानी का बहाव तेज हुआ तो यह ड्रेनेज पाइप टूट सकते हैं जिस कारण ओवरफ्लो हुआ पानी लोगों के घरों में घुस जाएगा।

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