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विश्व प्रसिद्ध रैंकिंग संस्था क्यूएस आईगेज़ ने किया राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन

मोहाली 19 जून (विजय)।  ‘राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थानों की उपस्थिति के साथ, मोहाली उच्च शिक्षा के विकास में उ8ार भारत के शैक्षिक केंद्र के रूप में उभरा है।  27.1 प्रतिशत के उच्च शिक्षा में भारत के औसत एनरोलमेंट अनुपात की तुलना में पंजाब की उच्च शिक्षा तक पहुंच 3० प्रतिशत है, जो साबित करता है कि पंजाब शिक्षा के विकास के साथ अच्छी प्रगति कर रहा है। नई शिक्षा नीति 2०2० शिक्षा की गुणव8ाा और समग्र नामांकन अनुपात में सुधार के लिए भारतीय शिक्षा क्षेत्र को एक रोडमैप प्रदान कर रही है।’ ये शब्द पंजाब के मु2यमंत्री के प्रधान सचिव तेजवीर सिंह (आईएएस) ने विश्व स्तरीय रैंकिंग जारी करने वाली संस्था क्यूएस आईगेज़ द्वारा आयोजित की गई इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के दौरान कहे। ‘रिाडिफाइंनिंग इंस्टिट्यूशनल स्ट्रेटेजी फ ॉर एक्सीलेंस’ (राइज़) के विषय पर आयोजित कॉन्फ्रेंस में विभिन्न नेशनल और इंटरनेशनल हस्तियों ने पंजाब राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों को राज्य में शिक्षा की वर्तमान स्थिति और अन्य दीर्घकालिक सुधारों पर विचार-चर्चा की। कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों सहित शिक्षाविद, शिक्षक, विशेषज्ञ और बड़ी सं2या में छात्र शामिल हुए। इस दौरान कॉन्फ्रेंस में आईएएस तेजवीर सिंह प्रधान सचिव, मु2यमंत्री पंजाब; चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर स. सतनाम सिंह संधू के अलावा चितकारा यूनिवर्सिटी की चांसलर डॉ. मधु चितकारा; जैक के चेयरमैन डॉ. गुरमीत सिंह धालीवाल; ज्वाइंट एसोसिएशन ऑफ कॉलेजेज के अध्यक्ष जगजीत सिंह धुरी; ईपीएसआई के अल्टरनेट प्रेसिडेंट डॉ हरिवंश चतुर्वेदी और जर्मनी से प्रो. हेक शिनबर्ग शामिल रहे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन और शिक्षण अनुभव को साझा करते हुए आइएएस तेजवीर सिंह ने कहा कि शिक्षा तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए हमें अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है। शैक्षणिक संस्थानों को गुणव8ाा शिक्षण मॉडल को विकसित करने के लिए नेशनल और इंटरनेशनल 1यूएस और टाइ6ज़ जैसी विभिन्न रैंकिंग स्थानीय संस्थानों को वैश्विक स्तर पर एक-दूसरे से जोड़ती हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि पंजाब में शैक्षणिक क्षेत्र के विकास के लिए कैंपस का वातावरण, पाठ्यक्रम, अध्यापन मॉडल, गुणव8ाा, पारदर्शिता और उ8ारदायित्व के लिए संस्थानों को एक-दूसरे से सीखना होगा। सेशन को संबोधित करते हुए डॉ. अश्विन फर्नांडस ने कहा कि पंजाब भारत का उभरता शैक्षणिक हब है, जहां 1० लाख स्टूडेंट्स उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और दुनियाभर के 45०० से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि राइज़ कॉन्फ्रेंस शैक्षणिक संस्थानों की एक्सीलेंस को प्रोमोट करने और गुणवत्तापूर्ण लर्निंग के लिए मार्गदर्शन करेगी और यह पंजाब के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों दोनों के लिए मह8वपूर्ण साबित होगी।
इस अवसर पर बात करते हुए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर स. सतनाम सिंह संधू ने कहा कि कॉन्फ्रेंस को राज्य भर के शैक्षणिक संस्थानों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। महत्वपूर्ण सेशन में पंजाब सरकार की भागीदारी राज्य में शिक्षा की गुणव8ाा में सुधारों की गंभीरता को दर्शाती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि पंजाब जिस दिशा में आगे बढ़ा है, उसमें निस्संदेह राज्य भारत को शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने क्यूएसआईगेज़ संस्थान को धन्यवाद दिया और कहा कि विश्व स्तर की रैंकिंग और रेटिंग में भाग लेने के संबंध में भारत में शैक्षणिक संस्थानों में झिझक थी, लेकिन भारतीय मानकों द्वारा 1यूएसआई गेज जारी करना देश के संस्थानों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। यह बताते हुए कि यह युवा संगठनों के लिए फायदेमंद है, उन्होंने कहा कि आईगेज संगठनों को विश्व स्तरीय रैंकिंग के लिए एक ढांचा प्रदान करता है, जिससे इन रैंकिंग में भाग लेने के लिए संगठनों में उत्साह बढ़ेगा।
श्रीमति मधु चितकारा ने कहा एनईपी-2०2० के साथ शैक्षणिक क्षेत्र एक आशा के रूप में उभरा है, जहां संकट की परिस्थितियां हमें नई संभावनाओं के साथ अपनी रणनीतिक प्रयासों को लागू करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि फैकल्टी शिक्षा जगत की रीढ़ है तथा शिक्षण संस्थानों को भविष्य की मांग के अनुसार पाठ्यक्रम को अपनाना चाहिए। गुरमीत सिंह धालीवाल ने कहा कि शिक्षा समाज के कल्याण का आधार है और भारत के तक्षशिला, विक्रमशिला और नालंदा विश्वविद्यालय भारत के प्राचीन शैक्षणिक समृद्धि को दर्शाते हैं। शिक्षण संस्थान ए1सीलेंस के लिए कड़ा प्रयास कर रहे हैं। उच्च शैक्षणिक संस्थानों को उभरते क्षेत्रों का पता लगाने का प्रयास करना चाहिए। तकनीक की तुलना में मजबूत रिसर्च भारत को टेक पॉवर बनाएगी, इसलिए प्रयास करें, रिसर्च करें और दुनिया को बदलें। इस अवसर पर जैक के अध्यक्ष श्री जगजीत सिंह धुरी ने 16०० से अधिक निजी कॉलेज और 65०० से अधिक स्कूलों के छात्रों और शिक्षकों ने कॉन्फ्रेंस से जुड़े तथा क्यूएसआई गेज द्वारा पंजाब संस्करण के तहत यह कॉन्फ्रेंस राज्य के शैक्षणिक संस्थानों को शिक्षा की गुणव8ाा में और सुधार के लिए प्रेरित करने में मदद करेगा। एच. चतुर्वेदी ने कहा कि पंजाब में 1००० कॉलेजेस और 3० से ज्यादा विश्वविद्यालय हैं ।

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