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पंजाब सिवल सचिवालय रिटायर्ड आफिसर्ज एसोसिएशन ने बैठक कर पंजाब सरकार को दी चेतावनी

मोहाली 3० अक्तूबर (विजय)। पंजाब के पैंशन भोगी लोगों ने पंजाब सरकार के खिलाफ अपना रोष जाहिर किया है और अधिकांश पैशन भोगी लोगों का कहना है कि पंजाब के नए बने सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने भी उनके साथ धोखा किया और उनका बनता हक देने में असफल रहे हैं।
गौरतलब है कि पैंशन भोगी लोगों के अनुसार 1-1-2016 से पहले सेवा मुक्त हुए पैंशनर भाइयों के साथ भी पंजाब सरकार ने धोखा किया। पैंशन भोगी लोगों की मानें तो पे कमीशन की ओर से 2:59 या 2:25 वृद्धि वाला आप्शन हासिल करने का हक मुलाजिमों के लिए तो है, परन्तु यह हक पैंशनरों को नहीं दिया गया। सिर्फ 15 प्रतिशत  वृद्वि  दे कर पैनशनरों के साथ मजाक किया गया है, वह भी 113 प्रतिशत डीए जोड़ कर जो कि निरा धक्का है क्योंकि 31 -12 -2015 को डीए 119 प्रतिशत बनता है जो चार दिन पहले 25 अक्तूबर 2021 की मीटिंग में खुद सरकार ने माना था।
पैंशन भोगी लोगों अनुसार15 प्रतिशत की वृद्वि की सिफारिश पे-कमिशन ने की ही नहीं। यह सिर्र्फ खजाना मंत्री और अफसरों के दिमाग की खोज है। उपरोक्त मामले में पैंशन भोगी उमाकांत तिवाडी, श्याम लाल शर्मा, करनैल् सिंह सैनी और आशा सूद का कहना है कि 15 प्रतिशत का विस्तार लेने वालों को सरकार ने 1-1-2016 से जून 2021 तक बनते साढ़े पाँच साल के एरियर से पहले ही वंचित किया हुआ है, अब कहा गया है कि बकाए बारे बाद में विचार करेंगे। यह बकाया कोई पे कमीशन का तोहफा नहीं है जिस से सरकार बुजुर्ग पैंशनरों को महरूम कर रही है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ दी जाती एडीशनल पैंशन दवाएँ और सेहत की देखभाल के बढ़ रहे खर्च किए को कवर करने के लिए होती है जिस में कोई भी विस्तार नहीं किया गया। पैंशनरों को मुलाजिमों की तरह 3 प्रतिशत सालाना इंकरीमैंट नहीं मिलती। सेवा मुक्त होने के 7 साल बाद 65 साल की उम्र और सिर्फ  5 प्रतिशत वृद्यि ही पहले थी, वही अब है जो 70 साल की उम्र तक 5 प्रतिशत ही रहता है। पैनशनरों की सब जत्थेबंदियों ने इस में वृद्धि के लिए माँग पत्र दिए थे, परन्तु सरकार ने सब कुछ नजरअंदाज कर दिया है। कुल मिला कर सरकार ने पैनशनरों की सब उम्मीदों पर पानी फेरा ा है और मुलाजिमों की अपेक्षा भी अधिक धक्केशाही की गई है जिसका उपयुक्त जवाब आने वाले दिनों में पेन्शनर भाई देंगे। पंजाब सिवल सचिवालय रिटायर्ड आफिसर्ज एसोसिएशन ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारजि किया है और माँग की कि जारी किये सरकारी हुक्मों में पैंशनरों के साथ बैठ कर ज़रूरत अनुसार संशोधन की जाये और पैंशनरों को बनती राहत दी जा जाए। पत्रकारों को जानकारी देते हुए एसोसिएशन की प्रधान कंवलजीत कौर भाटिया और उमाकांत तिवाडी ने बताया कि पंजाब सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है  िक यदि  सरकार ने पैंशन रिवाइज सम्बन्धित जारी भत्ते में बनती संशोधन न की तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन किया जायेगा, जिस की जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।

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